ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
आरती विधि📜 शिव पुराण — पूजा विधि, अग्नि पुराण, शिव आरती परंपरा2 मिनट पठन

शिव जी की आरती कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

शिव आरती में पंचमुखी घी का दीप — दक्षिणावर्त दिशा में, चरण से शिखर तक। 'ॐ जय शिव ओंकारा' गाएं। अंत में कपूर आरती करें। आरती की लौ हाथों से स्पर्श करके नेत्रों से लगाएं।

📖

विस्तृत उत्तर

शिव आरती की विधि शिव पुराण और अग्नि पुराण में वर्णित है:

आरती का सही समय

  • प्रातः पूजन के बाद
  • सायं संध्या पूजन के बाद
  • मंदिर में: पाँच बार आरती — प्रातः 4, 7, 12, 7 PM, रात 10 बजे

आरती सामग्री

  • पंचमुखी दीप (5 बत्तियाँ) — पाँच तत्वों का प्रतीक
  • घी की बत्ती
  • कपूर
  • शंख, घंटी
  • आरती थाली

शिव आरती की क्रमिक विधि

1शंख और घंटी

आरती से पूर्व शंख और घंटी बजाएं।

2दीप आरती

पंचमुखी दीप से दक्षिणावर्त (clockwise) घुमाएं:

  • शिवलिंग के चरण भाग पर — 4 बार
  • मध्य भाग पर — 2 बार
  • शीर्ष पर — 1 बार
  • पूरे शिवलिंग के चारों ओर — 7 बार

3आरती गान

आरती उतारते समय गाएं:

> 'ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।

> ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा।'

या

> 'जय-जय-जय शिव शंकर दानी, जगत के महाराज महाज्ञानी।'

4कपूर आरती

दीप आरती के बाद कपूर जलाकर आरती करें। कपूर की विशेषता — पूरा जल जाता है, कुछ शेष नहीं बचता — यह पूर्ण आत्मसमर्पण का प्रतीक है।

5प्रसाद ग्रहण

आरती की लौ को दोनों हाथों से स्पर्श करके नेत्रों से लगाएं।

6आरती अर्पण

> 'ॐ नमः शिवाय — महानीराजनं समर्पयामि'

शिव आरती का अर्थ

आरती में दीप की लौ = आत्मा की ज्योति। शिव को दीप दिखाना = अपनी आत्मा को शिव के प्रकाश में अर्पित करना।

📜
शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण — पूजा विधि, अग्नि पुराण, शिव आरती परंपरा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

शिव आरतीॐ जय शिव ओंकाराकपूर आरतीनीराजन

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शिव जी की आरती कैसे करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको आरती विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर शिव पुराण — पूजा विधि, अग्नि पुराण, शिव आरती परंपरा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।