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तंत्र उपाय प्रश्नोत्तर — 4 प्रश्न

तंत्र उपाय से जुड़े 4 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 4 प्रश्न

तंत्र में विवाह बाधा दूर करने के लिए कौन सा उपाय है?

कात्यायनी मंत्र ('ॐ कात्यायन्यै नमः' 108, 21 दिन)। पार्वती/गौरी शंकर मंत्र। मांगलिक = हनुमान चालीसा। गौरी-शंकर रुद्राक्ष। शुक्रवार व्रत। ज्योतिष आधारित।

विवाहबाधाउपाय
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तंत्र में रोग मुक्ति के लिए कौन से मंत्र-यंत्र प्रभावी हैं?

महामृत्युंजय मंत्र+यंत्र। धन्वंतरि मंत्र। सुदर्शन यंत्र। जप→जल→रोगी पिए। चिकित्सा विकल्प नहीं — सहायक। डॉक्टर अनिवार्य।

रोगमुक्तिमंत्र
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तंत्र में संतान प्राप्ति के लिए कौन सी साधना बताई गई है?

संतान गोपाल मंत्र ('ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत...')। पुत्रदा एकादशी। स्कंदमाता (दिन 5)। गर्भ गौरी व्रत। शिव-पार्वती। चिकित्सा समानांतर — सहायक, विकल्प नहीं।

संतानप्राप्तिसाधना
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तंत्र साधना में बुरे सपने आने पर क्या उपाय करें?

ऊर्जा transition = सामान्य। शयन पूर्व: महामृत्युंजय/चालीसा, कवच, रुद्राक्ष/यंत्र शिर पास, गंगाजल, दिग्बंधन। लगातार = गुरु (विधि त्रुटि?)।

बुरे सपनेउपायतंत्र
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तंत्र उपाय — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर तंत्र उपाय श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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तंत्र उपाय को गहराई से समझने का तरीका

तंत्र उपाय प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

4 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।