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भय-निवारण और रक्षा प्रश्नोत्तर — 3 प्रश्न

भय-निवारण और रक्षा से जुड़े 3 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 3 प्रश्न

कालसर्प दोष के भय से कैसे मुक्त हों?

कालसर्प दोष के भय से मुक्ति के लिए नवनाग स्तोत्र का नित्य प्रातः-सायं पाठ करें और महामृत्युंजय मंत्र जपें — 'तस्य विषभयं नास्ति' के अनुसार यह भौतिक और मानसिक दोनों विष भय से रक्षा करता है।

भय निवारणनवनाग स्तोत्ररक्षा कवच
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सपने में सांप दिखने का क्या अर्थ है?

सपने में सांप दिखना कालसर्प दोष का लक्षण है — यह अज्ञात भय और मानसिक अस्थिरता का प्रकटीकरण है। नवनाग स्तोत्र का नित्य पाठ इसका अचूक उपाय है।

सांप सपनादुःस्वप्नकालसर्प दोष
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कालसर्प दोष से अज्ञात भय क्यों होता है?

कालसर्प दोष में राहु (अतृप्त इच्छाएं) और केतु (कर्म-बंधन) के बीच जीवन पिसता रहता है जिससे अज्ञात भय, मानसिक अशांति और दुःस्वप्न (सांप दिखना) की समस्या होती है।

अज्ञात भयकालसर्प दोषमानसिक अशांति
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भय-निवारण और रक्षा — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर भय-निवारण और रक्षा श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

भय-निवारण और रक्षा को गहराई से समझने का तरीका

भय-निवारण और रक्षा प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

3 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।