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शिव तीर्थ प्रश्नोत्तर — 2 प्रश्न

शिव तीर्थ से जुड़े 2 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 2 प्रश्न

शिव धाम यात्रा का क्रम क्या होना चाहिए?

ज्योतिर्लिंग क्रम (शिव पुराण श्लोक): सोमनाथ→मल्लिकार्जुन→महाकाल→ओंकारेश्वर→वैद्यनाथ→भीमशंकर→रामेश्वरम→नागेश्वर→विश्वनाथ→त्र्यम्बकेश्वर→केदारनाथ→घृष्णेश्वर। पंच केदार: केदारनाथ→तुंगनाथ→रुद्रनाथ→मध्यमहेश्वर→कल्पेश्वर। भौगोलिक सुविधा अनुसार क्रम बदल सकते हैं।

शिव धामतीर्थयात्रापंच केदार
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शिव के बारह ज्योतिर्लिंग दर्शन का क्रम क्या होना चाहिए?

शिव पुराण/स्तुति श्लोक क्रम: (1)सोमनाथ-गुजरात (2)मल्लिकार्जुन-श्रीशैल (3)महाकाल-उज्जैन (4)ओंकारेश्वर-मालवा (5)वैद्यनाथ-देवघर (6)भीमशंकर-महाराष्ट्र (7)रामेश्वरम-तमिलनाडु (8)नागेश्वर-द्वारका (9)विश्वनाथ-वाराणसी (10)त्र्यम्बकेश्वर-नासिक (11)केदारनाथ-हिमालय (12)घृष्णेश्वर-महाराष्ट्र। नाम पाठ मात्र से सात जन्मों के पाप नष्ट।

ज्योतिर्लिंगद्वादश ज्योतिर्लिंगदर्शन क्रम
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शिव तीर्थ — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर शिव तीर्थ श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

शिव तीर्थ को गहराई से समझने का तरीका

शिव तीर्थ प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

2 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।