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जप संख्या प्रश्नोत्तर — 7 प्रश्न

जप संख्या से जुड़े 7 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 7 प्रश्न

शिव पुराण के अनुसार 5 लाख और 10 लाख जप से क्या होता है?

शिव पुराण (2.1.14): 5 लाख जप = भगवान शिव के प्रत्यक्ष दर्शन और समस्त कामनाएं पूर्ण; 10 लाख जप = अकल्पनीय पुण्य। कलियुग में 5 लाख (चार गुना) जप अनुशंसित, सवा लाख न्यूनतम प्रामाणिक संख्या।

5 लाख जप10 लाख जपशिव दर्शन
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सवा लाख जप का विधान किसके लिए है?

सवा लाख (1,25,000) जप किसी गंभीर रोग, अकाल मृत्यु के भय, सर्जरी से पूर्व या विशिष्ट मनोकामना पूर्ति के लिए शास्त्रोक्त विधान है।

सवा लाखगंभीर रोगअकाल मृत्यु
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महामृत्युंजय मंत्र का दैनिक जप कितनी बार करना चाहिए?

दैनिक जप: न्यूनतम 11, 27 या 108 बार (एक माला) — मानसिक शांति, शारीरिक स्वास्थ्य रक्षा और बुरे स्वप्न से बचने के लिए। 108 = ब्रह्मांडीय गणित (27 नक्षत्र × 4 चरण)।

दैनिक जप11 27 108मानसिक शांति
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मंत्र जप कितनी बार करना चाहिए?

जप संख्या: नित्य न्यूनतम 108 (एक माला)। विशेष कामना: 1008। मंत्र सिद्धि पुरश्चरण: मंत्र के अक्षर × 1 लाख। संख्या से अधिक भाव और नित्यता महत्वपूर्ण। समय कम हो तो 11 जप भी पर्याप्त।

काली मंत्र जप कितनी बार करना चाहिए?

नित्य 108 जप (काली कृपा), विशेष संकट में 1008, अमावस्या को 1008। 21 दिन × 1008 = विशेष अनुष्ठान। पुरश्चरण = 6 लाख। कालिका पुराण: केवल 11 बार नित्य जप से भी काली की कृपा रहती है। संख्या से अधिक नियमितता महत्वपूर्ण है।

काली जप संख्या1081008
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महामृत्युंजय मंत्र कितनी बार जप करना चाहिए?

नित्य मंगल के लिए 108, रोग में 1008, गंभीर संकट में 21 दिन × 1008। मंत्र सिद्धि के लिए सवा लाख (1,25,000) का पुरश्चरण — प्रतिदिन 2500 जप = 50 दिन। शिव पुराण: शिव आशुतोष हैं — नित्य 11 बार भी जप से उनकी कृपा रहती है।

महामृत्युंजय जप संख्या1.25 लाख108
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मंत्र जप कितनी बार करना चाहिए?

नित्य जप के लिए 108 बार (1 माला) न्यूनतम और 1008 बार (11 माला) उत्तम है। मंत्र सिद्धि के लिए सवा लाख (1,25,000) जप का पुरश्चरण करें। पुरश्चरण के बाद कुल जप का 1/10 हवन करें। एक बार संख्या तय करें तो प्रतिदिन वही करें।

जप संख्या1081008
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जप संख्या — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर जप संख्या श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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जप संख्या को गहराई से समझने का तरीका

जप संख्या प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

7 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।