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योग भंग प्रश्नोत्तर — 7 प्रश्न

योग भंग से जुड़े 7 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 7 प्रश्न

6ठे, 8वें या 12वें भाव (खराब घरों) में नल योग बनने से क्या नुकसान होता है?

इन खराब भावों (दुःस्थानों) में ग्रह जाने से नल योग का अच्छा फल खत्म हो जाता है। इंसान बहुत समझदार तो होता है, लेकिन उसे कर्ज, बीमारी और शत्रुओं का सामना करना पड़ता है।

दुःस्थानखराब भावनुकसान
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नल योग में शारीरिक दोष (बीमारी) को कौन सा ग्रह खत्म करता है?

अगर देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) बहुत मजबूत होकर लग्न या चंद्रमा को देख ले, या खुद लग्न में बैठा हो, तो वह अपनी शुभ दृष्टि से शरीर की हर बीमारी और विकृति को खत्म कर देता है।

गुरुदोष भंगशारीरिक विकृति
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6ठे, 8वें या 12वें भाव में राजयोग बनने के नुकसान?

इन खराब भावों में योग बनने से इंसान की किस्मत उसका साथ नहीं देती। उसे जिंदगी में बहुत ज्यादा संघर्ष, कोर्ट-कचहरी और दुश्मनों का सामना करना पड़ता है।

दुस्थानसंघर्षविवाद
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नीच या अस्त ग्रह का राजयोग पर क्या असर होता है?

ग्रहों के नीच या सूर्य से अस्त (Combust) होने पर उनकी ताकत खत्म हो जाती है, जिससे यह बड़ा राजयोग भंग (Cancel) हो जाता है और कोई अच्छा फल नहीं दे पाता।

नीच ग्रहअस्त ग्रहयोग भंग
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मेष और मिथुन लग्न में राजयोग भंग क्यों होता है?

मेष लग्न में शनि 11वें घर (लाभ/लालच) का और मिथुन में शनि 8वें घर (मृत्यु/बाधा) का मालिक भी होता है। इन खराब घरों का मालिक होने से राजयोग का शुभ फल नष्ट हो जाता है।

मेष लग्नमिथुन लग्नदोष
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पाप ग्रहों के प्रभाव या नीच/अस्त होने पर कहल योग का क्या असर होता है?

ग्रहों के नीच या अस्त होने पर व्यक्ति में आत्मविश्वास नहीं रहता। अगर राहु/केतु जैसे पाप ग्रहों का असर हो, तो व्यक्ति अहंकारी, हिंसक और उतावला होकर खुद अपना पतन कर लेता है।

नीच ग्रहअस्तपाप प्रभाव
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दुस्थानों (6, 8, 12 भाव) में कहल योग बनने से क्या नुकसान होता है?

अगर यह योग 6ठे, 8वें या 12वें भाव में बने, तो व्यक्ति को पावर (सत्ता) तो मिलती है लेकिन वह बड़े घोटालों, मुकदमों और कानूनी विवादों में फंसकर बदनाम हो जाता है।

दुस्थानत्रिक भावविवाद
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योग भंग — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर योग भंग श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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योग भंग को गहराई से समझने का तरीका

योग भंग प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

7 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।