विस्तृत उत्तर
यदि योग का निर्माण करने वाला ग्रह नीच राशि में हो (और नीचभंग न हो) या सूर्य के निकट आकर अस्त (Combust) हो गया हो, तो राजयोग कभी फलित नहीं होता। अस्त ग्रह अपना तेज और प्रभाव खो देता है, जिससे यह राजयोग पूर्णतः निष्प्रभावी हो जाता है और जातक को कोई शुभ फल नहीं मिलता।





