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अंत्येष्टि एवं मृत्यु संस्कार प्रश्नोत्तर — 2 प्रश्न

अंत्येष्टि एवं मृत्यु संस्कार से जुड़े 2 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 2 प्रश्न

गरुड़ पुराण के दसवें अध्याय में मृत्यु के तुरंत बाद कौन से कर्म बताए गए हैं?

गरुड़ पुराण के दसवें अध्याय में बताया गया है कि मृत्यु के तुरंत बाद मुंडन, शव-स्नान, छह स्थानों पर पिंडदान, दाह संस्कार (सूर्यास्त पूर्व), गंगा में अस्थि-विसर्जन और दशगात्र-कर्म प्रारंभ करने का विधान है।

दसवाँ अध्यायमृत्यु संस्कारपिंडदान
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गरुड़ पुराण के नवें अध्याय में मरणासन्न व्यक्ति के लिए क्या करना चाहिए?

गरुड़ पुराण के नवें अध्याय में बताया गया है कि मरणासन्न व्यक्ति को तुलसी के पास गोबर से बने मण्डल में, कुश बिछाकर भूमि पर लिटाएँ। मुख में तुलसी-मंजरी, शालिग्राम का चरणामृत और तिल दें। नारायण-नाम का कीर्तन करते रहें।

मरणासन्नगरुड़ पुराणनवाँ अध्याय
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अंत्येष्टि एवं मृत्यु संस्कार — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर अंत्येष्टि एवं मृत्यु संस्कार श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

अंत्येष्टि एवं मृत्यु संस्कार को गहराई से समझने का तरीका

अंत्येष्टि एवं मृत्यु संस्कार प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

2 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।