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देवी ज्ञान प्रश्नोत्तर — 6 प्रश्न

देवी ज्ञान से जुड़े 6 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 6 प्रश्न

दुर्गा जी का वाहन क्या है?

दुर्गा का वाहन सिंह है। सप्तशती में हिमालय ने देवी को सिंह दिया। सिंह शक्ति, पराक्रम और धर्म की विजय का प्रतीक है। नवदुर्गा में कालरात्रि का वाहन गर्दभ (गधा) और शैलपुत्री-महागौरी का वृषभ (नंदी) है।

दुर्गा वाहनसिंहशेर
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नवदुर्गा के नाम क्या हैं?

नवदुर्गा के नाम (देवी कवच): 1. शैलपुत्री 2. ब्रह्मचारिणी 3. चंद्रघंटा 4. कूष्मांडा 5. स्कंदमाता 6. कात्यायनी 7. कालरात्रि 8. महागौरी 9. सिद्धिदात्री। नवरात्रि के नौ दिन क्रमशः इन नौ देवियों की पूजा होती है।

नवदुर्गा9 देवीनाम
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काली के 108 नाम क्या हैं?

काली माँ के 108 नाम कालिकाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् में हैं। प्रमुख नाम हैं — काली, महाकाली, भद्रकाली, कालरात्रि, चामुंडा, भैरवी, श्मशानवासिनी, दुर्गा, नित्या, अंबिका, महामाया, आद्या, जगन्माता और मोक्षदायिनी।

108 नामकाली नामअष्टोत्तर
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दुर्गा जी के 108 नाम क्या हैं?

दुर्गा जी के 108 नाम 'दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्' में संकलित हैं। प्रमुख नाम हैं — दुर्गा, चंडिका, काली, महालक्ष्मी, महागौरी, अंबिका, भवानी, कात्यायनी, चामुंडा, नारायणी, जगदंबा, महामाया, भद्रकाली और मोक्षदायिनी।

108 नामअष्टोत्तरदुर्गा नाम
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दुर्गा जी का वाहन क्या है?

दुर्गा जी का मुख्य वाहन सिंह (शेर) है — यह शक्ति, साहस और पशु वृत्तियों पर नियंत्रण का प्रतीक है। कालरात्रि का वाहन गर्दभ (गधा) और शैलपुत्री-महागौरी का वाहन वृषभ (बैल) है।

वाहनसिंहदुर्गा वाहन
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नवदुर्गा के नाम क्या हैं?

नवदुर्गा के नाम हैं — 1.शैलपुत्री, 2.ब्रह्मचारिणी, 3.चंद्रघंटा, 4.कूष्मांडा, 5.स्कंदमाता, 6.कात्यायनी, 7.कालरात्रि, 8.महागौरी, 9.सिद्धिदात्री। नवरात्रि के नौ दिन इनकी क्रमशः पूजा की जाती है।

नवदुर्गानामनौ रूप
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देवी ज्ञान — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर देवी ज्ञान श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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देवी ज्ञान को गहराई से समझने का तरीका

देवी ज्ञान प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

6 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।