विस्तृत उत्तर
काली माँ के 108 नाम 'कालिकाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्' में संकलित हैं। ये सभी नाम कालिका पुराण और तंत्र ग्रंथों से प्रमाणित हैं:
काली माँ के 108 नाम
- 1काली, 2. कापालिनी, 3. कुल्ला, 4. कुरुकुल्ला, 5. विरोधिनी, 6. विप्रचित्ता, 7. उग्रा, 8. उग्रप्रभा, 9. दीप्ता, 10. नीला,
- 1घना, 12. बलाका, 13. मात्रा, 14. मुद्रा, 15. मिता, 16. महाकाली, 17. महाबला, 18. महोदरी, 19. महाघोरा, 20. महारौद्री,
- 1कालरात्रि, 22. कराली, 23. कंकाली, 24. काल, 25. कमला, 26. कल्याणी, 27. कल्यदायिनी, 28. काललहरी, 29. कालसंहारिणी, 30. कालेश्वरी,
- 1क्रोधिनी, 32. क्रोधजननी, 33. क्रूरा, 34. कृष्णा, 35. कृष्णांगी, 36. कृष्णकेशिनी, 37. भद्रकाली, 38. भयंकरी, 39. भवानी, 40. भैरवी,
- 1भीमा, 42. भीमनाद, 43. भीषणी, 44. शवारूढ़ा, 45. शवाहारा, 46. श्मशानवासिनी, 47. श्मशानप्रिया, 48. शूलिनी, 49. शूलधारिणी, 50. चंडी,
- 1चंडघोषा, 52. चामुंडा, 53. चित्रा, 54. चित्ररूपिणी, 55. दंष्ट्राकराली, 56. दिगंबरी, 57. दिव्या, 58. दुर्गा, 59. दैत्यमर्दिनी, 60. नागिनी,
- 1निशाचरी, 62. निशाप्रिया, 63. नित्या, 64. नित्यानंदा, 65. नित्यक्लिन्ना, 66. रुद्रा, 67. रौद्री, 68. रक्षणी, 69. रणप्रिया, 70. रक्तपिपासिनी,
- 1लज्जा, 72. लोकमाता, 73. लोकपालिनी, 74. त्रिनेत्रा, 75. त्रिशूलिनी, 76. त्रिकालज्ञा, 77. तारा, 78. त्रिपुरा, 79. तीव्रा, 80. शिवदूती,
- 1संहारिणी, 82. सर्वसिद्धिप्रदा, 83. सर्वमंगलदायिनी, 84. सर्वदुःखनाशिनी, 85. सर्वभयनाशिनी, 86. सर्वसौभाग्यदायिनी, 87. सर्वरोगनाशिनी, 88. कमालेश्वरी, 89. वरदायिनी, 90. मोक्षदायिनी,
- 1मुक्तकेशी, 92. मुंडमालिनी, 93. मुंडधारिणी, 94. महामाया, 95. माया, 96. महेश्वरी, 97. माहेशी, 98. ईश्वरी, 99. अंबिका, 100. अनंता,
- 1अभया, 102. आनंदरूपा, 103. आद्या, 104. परमेश्वरी, 105. परात्परा, 106. परमशक्ति, 107. परमब्रह्म, 108. जगन्माता
पाठ विधि
प्रतिदिन इन 108 नामों का पाठ करने से काली माँ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या और दीपावली को इनका पाठ अत्यंत फलदायी है।
पाठ का फल
कालिका पुराण के अनुसार — जो श्रद्धा से काली के 108 नामों का पाठ करता है, उसे रोग, भय, शत्रु, दारिद्र्य — किसी से भी भय नहीं रहता।





