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पितृ पक्ष प्रश्नोत्तर — 9 प्रश्न

पितृ पक्ष से जुड़े 9 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 9 प्रश्न

आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया क्यों खास है?

आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया खास है क्योंकि यह पितृ पक्ष यानी महालय का दूसरा दिन है। इस दिन पार्वण श्राद्ध से तीन पीढ़ियों का सतीक आवाहन होता है, और विश्वेदेव स्थापित होते हैं। स्कन्द पुराण के अनुसार इस दिन श्राद्ध करने से शिव प्रसन्न होते हैं और कैलास धाम मिलता है। याज्ञवल्क्य स्मृति के अनुसार सुयोग्य दामाद और पशु-धन की प्राप्ति होती है।

आश्विन द्वितीयामहालयपितृ पक्ष
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पितर किस रूप में घर आते हैं?

पितर 'वायु रूप' में अपने वंशजों के घर आते हैं — सूक्ष्म, अदृश्य, इंद्रियों से परे। वे चंद्रलोक से दक्षिण दिशा से घर के द्वार पर पहुँचते हैं। वायु पुराण का दर्शन। श्रद्धा से ही उनकी उपस्थिति अनुभव की जा सकती है।

पितर वायु रूपसूक्ष्म रूपचंद्रलोक
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पितर किस दिशा से घर आते हैं?

पितर 'दक्षिण दिशा' से अपने वंशजों के घर आते हैं। शास्त्रों में दक्षिण दिशा को यमलोक और पितृलोक की दिशा माना गया है। यही कारण है कि श्राद्ध करते समय भी दक्षिण की ओर मुख रखा जाता है। वायु पुराण का दर्शन।

पितर दिशादक्षिण दिशायमलोक
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पितृ पक्ष में पितर कहाँ से आते हैं?

वायु पुराण के अनुसार पितर चंद्रलोक के माध्यम से दक्षिण दिशा से अपने वंशजों के घर के द्वार पर वायु रूप में उपस्थित होते हैं। 16 दिनों तक वे सम्मान, तर्पण और अन्नादि की प्रतीक्षा करते हैं।

पितरचंद्रलोकवायु पुराण
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पितृ पक्ष कितने दिनों का होता है?

पितृ पक्ष 16 दिनों (सोलह दिन) का होता है। भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आरंभ → आश्विन कृष्ण अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक। प्रथम दिन = प्रतिपदा, अंतिम = सर्वपितृ अमावस्या।

पितृ पक्ष अवधि16 दिनसोलह दिन
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पितृ पक्ष कब समाप्त होता है?

पितृ पक्ष आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) पर समाप्त होता है। इसे महालया अमावस्या भी कहते हैं। यह उन पूर्वजों के श्राद्ध का दिन है जिनकी मृत्यु तिथि याद नहीं।

पितृ पक्ष समाप्तिसर्वपितृ अमावस्याआश्विन
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पितृ पक्ष कब शुरू होता है?

पितृ पक्ष भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से आरंभ होता है। इसका प्रथम दिन 'प्रतिपदा' कहलाता है, जिसे प्रतिपदा श्राद्ध या पड़वा श्राद्ध भी कहते हैं। कुल 16 दिनों तक चलता है।

पितृ पक्ष आरंभभाद्रपद पूर्णिमातिथि
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महालय पक्ष किसे कहते हैं?

महालय = पितृ पक्ष का दूसरा नाम। दोनों समानार्थी। भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक 16 दिनों की अवधि। प्रथम दिन = प्रतिपदा, अंतिम दिन = सर्वपितृ अमावस्या।

महालयपितृ पक्षपर्याय
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पितृ पक्ष क्या है?

पितृ पक्ष = पितरों को समर्पित 16 दिवसीय अवधि। भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक। 'महालय' भी कहते हैं। इस काल में पितर वायु रूप में दक्षिण दिशा से घर आते हैं और तर्पण-अन्न की प्रतीक्षा करते हैं।

पितृ पक्षमहालयश्राद्ध काल
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पितृ पक्ष — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर पितृ पक्ष श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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पितृ पक्ष को गहराई से समझने का तरीका

पितृ पक्ष प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

9 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।