📖
विस्तृत उत्तर
पितृ पक्ष का प्रारंभ = एक निश्चित और शास्त्र-निर्धारित तिथि से होता है।
### प्रारंभ की तिथि:
पितृ पक्ष की अवधि भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से आरंभ होती है।
### विस्तृत जानकारी:
1मास
- ▸भाद्रपद मास (हिन्दू पंचांग का छठा मास)।
2पक्ष
- ▸शुक्ल पक्ष (चंद्रमा बढ़ता हुआ)।
3तिथि
- ▸पूर्णिमा (पूर्ण चंद्रमा का दिन)।
### प्रथम दिन का नाम:
- ▸पितृ पक्ष का प्रथम दिन 'प्रतिपदा' कहलाता है।
- ▸यह तिथि (प्रतिपदा) संपूर्ण श्राद्ध कर्मकाण्ड का प्रवेश द्वार है।
### प्रतिपदा श्राद्ध:
- ▸पितृ पक्ष का शुभारंभ आश्विन कृष्ण प्रतिपदा (पूर्णिमान्त पंचांग के अनुसार) से होता है।
- ▸इस तिथि को किए जाने वाले श्राद्ध को 'प्रतिपदा श्राद्ध' अथवा 'पड़वा श्राद्ध' के नाम से जाना जाता है।
### कुल अवधि:
- ▸भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आरंभ → 16 दिनों तक चलती है → आश्विन कृष्ण अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक।
### महत्व:
पितृ पक्ष का यह प्रारंभ शास्त्रीय रूप से अत्यंत पवित्र क्षण है — इसी दिन से पितर अपने वंशजों के घर वायु रूप में उपस्थित होने लगते हैं।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?




