विस्तृत उत्तर
श्रवण 27 नक्षत्रों में द्वाविंश (22वाँ) नक्षत्र है। यह मकर राशि में 10° से 23°20' तक विस्तृत है।
नाम और प्रतीक — 'श्रवण' = सुनना, श्रवण-शक्ति। इसका प्रतीक चिह्न 'तीन पदचिह्न' या 'कान' है। यह ज्ञान-अर्जन, सुनने की कला और भगवान विष्णु का नक्षत्र है।
स्वामी ग्रह — चंद्रमा। देवता — भगवान विष्णु।
राशि — मकर। स्वभाव — देव गण। वर्ण — म्लेच्छ। तत्व — वायु।
चरण — 4 चरण। मेष, वृषभ, मिथुन और कर्क नवांश में।
मुहूर्त फल — विद्यारंभ, श्रवण, तीर्थयात्रा, धर्म-प्रचार, मंत्र-दीक्षा और दीर्घकालीन शिक्षा कार्यों के लिए अत्यंत शुभ। सोमवार को श्रवण नक्षत्र का संयोग विशेष फलदायी माना जाता है।
जन्म-फल — श्रवण नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति बुद्धिमान, जिज्ञासु, सुशील और विनम्र होते हैं। ये सुनने की अद्भुत क्षमता रखते हैं और दूसरों की बात ध्यान से समझते हैं। धर्म और ज्ञान में इनकी गहरी आस्था होती है। ये दानशील, सहृदय और उदार होते हैं। यात्राएँ अधिक होती हैं और विदेश-प्रवास का योग भी बनता है। इनका वैवाहिक जीवन सुखी रहता है।
स्वास्थ्य — कान, घुटने और जोड़ों पर ध्यान दें।
करियर — शिक्षण, पत्रकारिता, संचार, धर्म-प्रचार, संगीत और परामर्श में विशेष सफलता।
