विस्तृत उत्तर
आश्लेषा 27 नक्षत्रों में नवम नक्षत्र है। यह कर्क राशि में 16°40' से 30° तक विस्तृत है।
नाम और प्रतीक — 'आश्लेषा' = आलिंगन करना, कसकर पकड़ना। इसका प्रतीक 'कुण्डलित सर्प' है। यह कुण्डलिनी शक्ति, तंत्र और गहराई का नक्षत्र है।
स्वामी ग्रह — बुध। देवता — सर्प (नाग देव)।
राशि — कर्क। स्वभाव — राक्षस गण। वर्ण — म्लेच्छ। तत्व — जल।
चरण — 4 चरण। सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक नवांश में।
मुहूर्त फल — क्रूर और तीव्र कार्यों के लिए अनुकूल। विष-चिकित्सा, शत्रु-नाश और गुप्त कार्यों के लिए ठीक। मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए सामान्यतः उचित नहीं।
जन्म-फल — आश्लेषा में जन्मे व्यक्ति बुद्धिमान, कूटनीतिज्ञ और रहस्यमय स्वभाव के होते हैं। ये बातचीत में चतुर और कभी-कभी कूटनीतिक होते हैं। इनमें गहरी अंतर्दृष्टि होती है। तंत्र, मनोविज्ञान और गुप्त विद्याओं में रुचि हो सकती है। इन्हें ईमानदारी से काम करना चाहिए।
स्वास्थ्य — पाचन-तंत्र, यकृत और जोड़ों पर ध्यान दें।
करियर — चिकित्सा, मनोविज्ञान, कूटनीति, रसायन-विज्ञान और गुप्तचर-सेवा में सफलता।

