108 मनकों का रहस्य27 नक्षत्र और 108 का क्या संबंध है?वैदिक ज्योतिष: 27 नक्षत्र × 4 चरण = 108 — माला का प्रत्येक मनका एक चरण का प्रतिनिधित्व करता है। एक माला पूरी करने पर साधक प्रतीकात्मक रूप से सम्पूर्ण नक्षत्र-मंडल की परिक्रमा कर लेता है।#27 नक्षत्र#4 चरण#108 चरण
पंचांग एवं ज्योतिषरेवती नक्षत्र क्या होता है?रेवती 27 नक्षत्रों में 27वाँ और अंतिम। मीन 16°40'–30°। स्वामी बुध, देवता पूषा। प्रतीक मछलियों का जोड़ा। यात्रा-समापन और नई यात्रा के लिए शुभ। जन्म में कोमल, दयालु, कलाप्रेमी, आध्यात्मिक।#रेवती नक्षत्र
पंचांग एवं ज्योतिषउत्तरभाद्रपद नक्षत्र क्या होता है?उत्तरभाद्रपद 27 नक्षत्रों में 26वाँ। मीन 3°20'–16°40'। स्वामी शनि, देवता अहिर्बुध्न्य। प्रतीक साँप की पूंछ। दान-आध्यात्म-मोक्ष साधना के लिए शुभ। जन्म में शांत, गहरे, करुणामय, उत्कृष्ट मार्गदर्शक।#उत्तरभाद्रपद नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषपूर्वभाद्रपद नक्षत्र क्या होता है?पूर्वभाद्रपद 27 नक्षत्रों में 25वाँ। कुंभ 20°–मीन 3°20'। स्वामी बृहस्पति, देवता अजैकपाद। प्रतीक तलवार/खाट-पाये। साधना-तंत्र के लिए अनुकूल। जन्म में आदर्शवादी, परिवर्तनशील, प्रेरक वाणी।#पूर्वभाद्रपद नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषशतभिषा नक्षत्र क्या होता है?शतभिषा 27 नक्षत्रों में 24वाँ। कुंभ 6°40'–20°। स्वामी राहु, देवता वरुण। प्रतीक खाली वृत्त। चिकित्सा-अनुसंधान के लिए अनुकूल। जन्म में स्वतंत्र विचारक, रहस्यप्रिय, उपचारकर्ता।#शतभिषा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषधनिष्ठा नक्षत्र क्या होता है?धनिष्ठा 27 नक्षत्रों में 23वाँ। मकर 23°20'–कुंभ 6°40'। स्वामी मंगल, देवता अष्टवसु। प्रतीक मृदंग। संगीत-वाहन के लिए अनुकूल, विवाह में मंगल-विचार आवश्यक। जन्म में साहसी, उदार, संगीतप्रेमी।#धनिष्ठा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषश्रवण नक्षत्र क्या होता है?श्रवण 27 नक्षत्रों में 22वाँ। मकर 10°–23°20'। स्वामी चंद्रमा, देवता विष्णु। प्रतीक तीन पदचिह्न। विद्यारंभ-मंत्रदीक्षा के लिए शुभ। जन्म में बुद्धिमान, जिज्ञासु, सुशील, यात्राप्रिय।#श्रवण नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषउत्तराषाढ़ा नक्षत्र क्या होता है?उत्तराषाढ़ा 27 नक्षत्रों में 21वाँ। धनु 26°40'–मकर 10°। स्वामी सूर्य, देवता विश्वदेव। प्रतीक हाथी-दाँत। दीर्घकालीन और अटल कार्यों के लिए शुभ। जन्म में दृढ़, सिद्धांतवादी, सच्चे नेता।#उत्तराषाढ़ा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषपूर्वाषाढ़ा नक्षत्र क्या होता है?पूर्वाषाढ़ा 27 नक्षत्रों में 20वाँ। धनु 13°20'–26°40'। स्वामी शुक्र, देवता अपः (जल)। प्रतीक हाथी-दाँत/पंखा। जल-शुद्धि-यात्रा के लिए अनुकूल। जन्म में आत्मविश्वासी, अजेय, प्रभावशाली वाणी।#पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषमूल नक्षत्र क्या होता है?मूल 27 नक्षत्रों में 19वाँ। धनु 0°–13°20'। स्वामी केतु, देवता निर्रति। प्रतीक बँधी जड़ें। खनन-शोध-औषधि के लिए अनुकूल। जन्म में गहरे विचारक, परिवर्तनकारी, दार्शनिक।#मूल नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषज्येष्ठा नक्षत्र क्या होता है?ज्येष्ठा 27 नक्षत्रों में अष्टादश। वृश्चिक 16°40'–30°। स्वामी बुध, देवता इन्द्र। प्रतीक छाता/वलय। शक्ति-नेतृत्व-शत्रु-विजय के लिए अनुकूल। जन्म में साहसी, नेतृत्व-कुशल, स्वाभिमानी।#ज्येष्ठा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषअनुराधा नक्षत्र क्या होता है?अनुराधा 27 नक्षत्रों में सप्तदश। वृश्चिक 3°20'–16°40'। स्वामी शनि, देवता मित्र। प्रतीक खिला कमल। मित्रता-साझेदारी के लिए शुभ। जन्म में मित्रभावी, अनुशासित, भक्तिप्रवण।#अनुराधा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषविशाखा नक्षत्र क्या होता है?विशाखा 27 नक्षत्रों में षोडश। तुला 20°–वृश्चिक 3°20'। स्वामी बृहस्पति, देवता इन्द्र-अग्नि। प्रतीक तोरण-द्वार। लक्ष्य-प्राप्ति के लिए शुभ। जन्म में उद्देश्यवान, दृढ़, प्रतिस्पर्धी।#विशाखा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषस्वाति नक्षत्र क्या होता है?स्वाति 27 नक्षत्रों में पंचदश। तुला 6°40'–20°। स्वामी राहु, देवता वायु। प्रतीक उड़ता तिनका। व्यापार-साझेदारी के लिए शुभ। जन्म में स्वतंत्र, अनुकूलनशील, व्यापारकुशल, कूटनीतिक।#स्वाति नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषचित्रा नक्षत्र क्या होता है?चित्रा 27 नक्षत्रों में चतुर्दश। कन्या 23°20'–तुला 6°40'। स्वामी मंगल, देवता विश्वकर्मा। प्रतीक मोती/रत्न। कला-वास्तु-आभूषण के लिए शुभ। जन्म में आकर्षक, रचनात्मक, शिल्पकुशल।#चित्रा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषहस्त नक्षत्र क्या होता है?हस्त 27 नक्षत्रों में त्रयोदश। कन्या 10°–23°20'। स्वामी चंद्रमा, देवता सविता। प्रतीक हथेली। हस्त-कौशल और व्यापार के लिए शुभ। जन्म में कुशल, चतुर, कलात्मक, श्रमशील।#हस्त नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषउत्तराफाल्गुनी नक्षत्र क्या होता है?उत्तराफाल्गुनी 27 नक्षत्रों में द्वादश। सिंह 26°40'–कन्या 10°। स्वामी सूर्य, देवता अर्यमन। प्रतीक शय्या के दो पाये। विवाह-साझेदारी के लिए शुभ। जन्म में सेवाभावी, कर्तव्यनिष्ठ, न्यायप्रिय।#उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषपूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र क्या होता है?पूर्वाफाल्गुनी 27 नक्षत्रों में एकादश। सिंह 13°20'–26°40'। स्वामी शुक्र, देवता भग। प्रतीक शय्या/पंखा। कला-मनोरंजन के लिए अनुकूल। जन्म में आकर्षक, उदार, कलाप्रेमी, सुखभोगी।#पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषमघा नक्षत्र क्या होता है?मघा 27 नक्षत्रों में दशम। सिंह 0°–13°20'। स्वामी केतु, देवता पितर। प्रतीक राजसिंहासन। पितृकर्म-श्राद्ध के लिए अनुकूल। जन्म में महत्वाकांक्षी, नेतृत्व-क्षमता, राजसी व्यक्तित्व।#मघा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषआश्लेषा नक्षत्र क्या होता है?आश्लेषा 27 नक्षत्रों में नवम। कर्क 16°40'–30°। स्वामी बुध, देवता नाग देव। प्रतीक कुण्डलित सर्प। क्रूर-गुप्त कार्यों के लिए अनुकूल। जन्म में बुद्धिमान, कूटनीतिज्ञ, रहस्यमय।#आश्लेषा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषपुष्य नक्षत्र क्या होता है?पुष्य 27 नक्षत्रों में अष्टम, 'नक्षत्रों का राजा'। कर्क 3°20'–16°40'। स्वामी शनि, देवता बृहस्पति। प्रतीक कमल/गाय-थन। गुरु-पुष्य योग सर्वोत्कृष्ट मुहूर्त। जन्म में परोपकारी, धार्मिक, दीर्घायु।#पुष्य नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषपुनर्वसु नक्षत्र क्या होता है?पुनर्वसु 27 नक्षत्रों में सप्तम, श्रीराम का जन्म नक्षत्र। मिथुन 20°–कर्क 3°20'। स्वामी बृहस्पति, देवता अदिति। प्रतीक धनुष-तरकश। यात्रा-व्यापार-विद्यारंभ के लिए शुभ। जन्म में उदार, आशावादी, सहृदय।#पुनर्वसु नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषआर्द्रा नक्षत्र क्या होता है?आर्द्रा 27 नक्षत्रों में षष्ठ। मिथुन 6°40'–20°। स्वामी राहु, देवता रुद्र। प्रतीक आँसू-बूँद। चिकित्सा-शत्रु-नाश के लिए अनुकूल। जन्म में बुद्धिमान, भावुक, तकनीकी-प्रवण।#आर्द्रा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषमृगशिरा नक्षत्र क्या होता है?मृगशिरा 27 नक्षत्रों में पंचम। वृषभ 23°20'–मिथुन 6°40'। स्वामी मंगल, देवता सोम। प्रतीक हिरण-सिर। यात्रा-कला-कृषि के लिए अनुकूल। जन्म में जिज्ञासु, कोमल, बहुमुखी प्रतिभा।#मृगशिरा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषरोहिणी नक्षत्र क्या होता है?रोहिणी 27 नक्षत्रों में चतुर्थ, नक्षत्रों की रानी। वृषभ 10°–23°20'। स्वामी चंद्रमा, देवता ब्रह्मा। प्रतीक बैलगाड़ी। सभी शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम। जन्म में सुंदर, कलाप्रेमी, समृद्ध।#रोहिणी नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषकृत्तिका नक्षत्र क्या होता है?कृत्तिका 27 नक्षत्रों में तृतीय। मेष 26°40'–वृषभ 10°। स्वामी सूर्य, देवता अग्नि। प्रतीक अग्नि-लौ। सैन्य-अग्नि कार्यों के लिए अनुकूल। जन्म में तेजस्वी, ऊर्जावान, न्यायी।#कृत्तिका नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषभरणी नक्षत्र क्या होता है?भरणी 27 नक्षत्रों में द्वितीय। मेष 13°20'–26°40'। स्वामी शुक्र, देवता यम। प्रतीक योनि। क्रूर कार्यों के लिए अनुकूल। जन्म में दृढ़, महत्वाकांक्षी, न्यायप्रिय।#भरणी नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषअश्विनी नक्षत्र क्या होता है?अश्विनी 27 नक्षत्रों में प्रथम। मेष राशि 0°–13°20'। स्वामी केतु, देवता अश्विनी कुमार। प्रतीक अश्व-मुख। यात्रा-चिकित्सा के लिए शुभ, विवाह वर्जित। जन्म में तेजस्वी, साहसी, चिकित्सा-कुशल।#अश्विनी नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
ज्योतिष दोष एवं उपाय27 नक्षत्रों के नाम और स्वामी ग्रह27 नक्षत्र = 9 ग्रह × 3 each। अश्विनी(केतु), रोहिणी(चंद्र), पुष्य(शनि), मघा(केतु), हस्त(चंद्र), स्वाति(राहु), मूल(केतु), श्रवण(चंद्र), रेवती(बुध)। क्रम: केतु→शुक्र→सूर्य→चंद्र→मंगल→राहु→गुरु→शनि→बुध।#27 नक्षत्र#नाम#स्वामी