विस्तृत उत्तर
कृत्तिका 27 नक्षत्रों में तृतीय नक्षत्र है। यह मेष राशि में 26°40' से 30° और वृषभ राशि में 0° से 10° तक विस्तृत है।
नाम और प्रतीक — 'कृत्तिका' का अर्थ है कृत्तिकाएँ (सात बहनें/कृतिकाएँ)। इसका प्रतीक चिह्न 'अग्नि की लौ' या 'छुरी/उस्तरा' है। यह तेज, ऊर्जा और शुद्धि का नक्षत्र है।
स्वामी ग्रह — सूर्य। देवता — अग्नि देव।
राशि — मेष/वृषभ (संधि)। स्वभाव — राक्षस गण। वर्ण — ब्राह्मण। तत्व — पृथ्वी।
चरण — 4 चरण। पहला चरण मेष राशि में, शेष तीन वृषभ राशि में।
मुहूर्त फल — सैन्य कार्य, अग्नि-संबंधी कार्य और दीर्घकालीन कार्यों के लिए अनुकूल। पाचन और शुद्धि संबंधी कार्यों के लिए भी ठीक।
जन्म-फल — कृत्तिका में जन्मे व्यक्ति तेजस्वी, ऊर्जावान और दृढ़निश्चयी होते हैं। इनमें नेतृत्व और निर्णय-क्षमता उत्तम होती है। ये सत्य के पक्षधर और न्यायी होते हैं। अग्नि की भांति इनका तेज और प्रताप होता है। कभी-कभी ये अत्यधिक आलोचनात्मक भी हो सकते हैं।
स्वास्थ्य — आँखें, सिर और ऊर्जा स्तर पर ध्यान दें।
करियर — सेना, प्रशासन, शिक्षण, धर्म-प्रचार और इंजीनियरिंग में सफलता।



