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भक्ति रस प्रश्नोत्तर — 6 प्रश्न

भक्ति रस से जुड़े 6 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 6 प्रश्न

भक्ति में वात्सल्य भाव क्या है?

वात्सल्य: भक्त=माता/पिता, भगवान=बालक। 5 रसों में एक। भक्त 'बड़ा'=अद्भुत (परब्रह्म छोटा)। यशोदा+बालकृष्ण=सर्वोच्च। कौशल्या+राम। भाव: खिलाना/सुलाना/रक्षा/डाँट=प्रेम। सूरदास=वात्सल्य कवि। साधना: बाल गोपाल=अपना बच्चा मानकर सेवा।

वात्सल्यवात्सल्य रसबाल कृष्ण
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भक्ति में रोमांच अश्रु कंपन स्वेद विवर्णता स्वरभंग स्तंभ प्रलय क्या हैं?

अष्ट सात्विक भाव: (1) स्तम्भ (जड़) (2) स्वेद (पसीना) (3) रोमांच (रोम खड़े) (4) स्वरभंग (गला रुँधना) (5) कम्प (काँपना) (6) विवर्णता (रंग बदलना) (7) अश्रु (आँसू) (8) प्रलय (मूर्छा)। भक्ति गहराई प्रमाण। चैतन्य/मीरा/हनुमान। स्वतःस्फूर्त=सच्चे, जबरदस्ती=नकली।

अष्ट सात्विक भावरोमांचअश्रु
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भक्ति में रोमांच अश्रु कंपन स्वेद विवर्णता स्वरभंग स्तंभ प्रलय क्या हैं?

अष्ट सात्विक भाव: (1) स्तम्भ (जड़) (2) स्वेद (पसीना) (3) रोमांच (रोम खड़े) (4) स्वरभंग (गला रुँधना) (5) कम्प (काँपना) (6) विवर्णता (रंग बदलना) (7) अश्रु (आँसू) (8) प्रलय (मूर्छा)। भक्ति गहराई प्रमाण। चैतन्य/मीरा/हनुमान। स्वतःस्फूर्त=सच्चे, जबरदस्ती=नकली।

अष्ट सात्विक भावरोमांचअश्रु
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भक्ति में शांत भाव क्या होता है?

शांत भाव: सबसे शांत-स्थिर भक्ति — तीव्र भावना रहित। 5 रसों में प्रथम+आधार। ईश्वर=निर्गुण ब्रह्म। भक्त=शांत-समभावी। गहन शांति+तृप्ति+समत्व। शुकदेव/चार कुमार/शंकराचार्य। 'आप हैं — बस।' ध्यान-प्रधान। 'अहं ब्रह्मास्मि'/'तत्त्वमसि'=मंत्र।

शांत रसशांत भावनिर्गुण भक्ति
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भक्ति में वात्सल्य भाव क्या है?

वात्सल्य: भक्त=माता/पिता, भगवान=बालक। 5 रसों में एक। भक्त 'बड़ा'=अद्भुत (परब्रह्म छोटा)। यशोदा+बालकृष्ण=सर्वोच्च। कौशल्या+राम। भाव: खिलाना/सुलाना/रक्षा/डाँट=प्रेम। सूरदास=वात्सल्य कवि। साधना: बाल गोपाल=अपना बच्चा मानकर सेवा।

वात्सल्यवात्सल्य रसबाल कृष्ण
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भक्ति में शांत भाव क्या होता है?

शांत भाव: सबसे शांत-स्थिर भक्ति — तीव्र भावना रहित। 5 रसों में प्रथम+आधार। ईश्वर=निर्गुण ब्रह्म। भक्त=शांत-समभावी। गहन शांति+तृप्ति+समत्व। शुकदेव/चार कुमार/शंकराचार्य। 'आप हैं — बस।' ध्यान-प्रधान। 'अहं ब्रह्मास्मि'/'तत्त्वमसि'=मंत्र।

शांत रसशांत भावनिर्गुण भक्ति
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भक्ति रस — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर भक्ति रस श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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भक्ति रस को गहराई से समझने का तरीका

भक्ति रस प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

6 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।