विस्तृत उत्तर
त्र्यंबकेश्वर (नासिक) में कालसर्प पूजा के कई विशेष कारण हैं:
- ▸यह भगवान 'त्र्यंबक' (तीन नेत्रों वाले शिव) का 'ज्योतिर्लिंग' है, जो मृत्युंजय-शक्ति का केंद्र है।
- ▸यह गोदावरी नदी का उद्गम स्थल है, जो पितृ-शांति के लिए दक्षिण की गंगा मानी जाती है।
- ▸यह स्थान कालसर्प और पितृदोष (नारायण नागबली) दोनों के शमन के लिए प्रमुख केंद्र है।





