विस्तृत उत्तर
शास्त्रीय ग्रंथ और वर्तमान साक्ष्य, दोनों ही कालसर्प शांति के लिए कुछ विशिष्ट 'तीर्थ-क्षेत्रों' को असाधारण महत्व देते हैं:
- 1त्र्यंबकेश्वर (नासिक): यह ज्योतिर्लिंग और गोदावरी नदी का उद्गम स्थल है। कालसर्प और पितृदोष (नारायण नागबली) दोनों के शमन के लिए प्रमुख केंद्र है।
- 1उज्जैन: 'महाकाल' की नगरी जो स्वयं 'काल' के अधिपति हैं। यहाँ कालसर्प की पूजा सीधे 'काल' के स्वामी को प्रसन्न करने के लिए की जाती है।
- 1काशी (वाराणसी): 'महा-श्मशान' है, जहाँ 'मृत्यु' पर विजय (मोक्ष) प्राप्त होती है।





