विस्तृत उत्तर
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन (उज्जयिनी) में शिप्रा नदी के तट पर स्थित है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में तीसरा है और 'दक्षिणमुखी' ज्योतिर्लिंग माना जाता है जो अपने आप में अद्वितीय है।
शिव पुराण के अनुसार प्राचीन काल में उज्जयिनी में एक परम शिवभक्त ब्राह्मण रहता था। उसी समय दूषण नाम का एक अत्याचारी राक्षस ब्रह्मा के वरदान से अजेय हो गया था। उसने उज्जयिनी पर आक्रमण करके शिव-भक्ति को बंद करा दिया। भक्तों ने शिव का ध्यान किया और उनसे रक्षा की प्रार्थना की। भगवान शिव भूमि फाड़कर प्रकट हुए और उन्होंने दूषण राक्षस का संहार किया। भक्तों के अनुरोध पर शिव ने वहीं महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग रूप में सदा के लिए निवास करना स्वीकार किया।
महाकाल' नाम का अर्थ है — काल (समय और मृत्यु) के भी स्वामी। उज्जैन को पहले 'अवंतिका' और 'उज्जयिनी' भी कहते थे। यहाँ की भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है। मान्यता है कि महाकाल के दर्शन से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और भक्त को मोक्ष मिलता है।





