विस्तृत उत्तर
मल्लिकार्जुन = 12 ज्योतिर्लिंगों में दूसरा; श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश); नल्लमला पहाड़ी + कृष्णा नदी।
विशेष: शिव (मल्लिकार्जुन) + शक्ति (भ्रमराम्बा — 18 शक्तिपीठों में) = एक ही स्थान पर ज्योतिर्लिंग + शक्तिपीठ। 'दक्षिण कैलाश' कहलाता है।
कथा: कार्तिकेय रूठकर क्रौंच पर्वत गए → शिव-पार्वती पुत्र से मिलने श्रीशैलम आए → शिव = मल्लिकार्जुन (मल्लिका = पार्वती, अर्जुन = शिव)।
दर्शन: 5:30AM-1PM; 2PM-3:30PM; 6:30PM-10PM। पाताल गंगा (कृष्णा नदी) स्नान → शिखरेश्वर → मल्लिकार्जुन → भ्रमराम्बा। शिवरात्रि = लाखों भक्त।
पहुंचें: हैदराबाद (~215km); कुर्नूल (~185km)। घने जंगल; सड़क मार्ग सुंदर।





