विस्तृत उत्तर
बटुक भैरव मंत्र (आपत्ति-निवारण हेतु):
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं
बटुक भैरव मंत्र: 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं' — यह आपत्ति निवारण के लिए है।
बटुक भैरव मंत्र (आपत्ति-निवारण हेतु):
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं
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