विस्तृत उत्तर
आदि शंकराचार्य द्वारा रचित 'कालभैरव अष्टकम' (देवराजसेव्यमानपावनांघ्रिपङ्कजं...) का पाठ सर्वश्रेष्ठ है। मूल मंत्र है: "ॐ कालभैरवाय नमः"। बुद्धि की शुद्धता के लिए भैरव गायत्री: "ॐ कालाकालाय विद्महे, कालातीताय धीमहि। तन्नो कालभैरव प्रचोदयात्॥" का जाप करें। विपत्ति निवारण के लिए बटुक भैरव मंत्र: "ॐ ह्रीं बं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं" अत्यंत सिद्ध माना गया है।




