विस्तृत उत्तर
अभिषेक और ध्यान के समय मूल पंचाक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का कम से कम 108 बार मानसिक या वाचिक जाप करना चाहिए। चूँकि यह शिवगण द्वारा स्थापित लिंग है, इसलिए शिवगणों की कृपा प्राप्ति हेतु प्रदोष काल में 'नंदीश्वर अष्टोत्तर शतनाम' (108 नाम) और 'लिंगाष्टकम' का सस्वर पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है। भय निवारण के लिए महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी किया जा सकता है।





