विस्तृत उत्तर
शास्त्रों और तोडल तंत्र की चेतावनी के अनुसार, बिना विधिवत न्यास और योग्य गुरु की दीक्षा के गृहस्थों को काली के बीज मंत्र 'क्रीं' (Krim) का अत्यधिक और एकांत जाप नहीं करना चाहिए। बीज मंत्रों की ऊर्जा अत्यंत उग्र होती है। इसके स्थान पर गृहस्थों को नाम-जप (जय माँ काली), चालीसा पाठ, या 'आद्या स्तोत्र' का पाठ करना चाहिए, जो पूर्णतः सुरक्षित, सात्विक और फलदायी है।


