विस्तृत उत्तर
बिना मंत्र के पूजा 'शरीर बिना प्राण' के समान है। शक्ति साधना का महामंत्र 'नर्वाण मंत्र' (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे) है। इसमें 'ऐं' सरस्वती का, 'ह्रीं' लक्ष्मी/भुवनेश्वरी का, और 'क्लीं' काली का बीज मंत्र है। मासिक दुर्गाष्टमी के दिन साधक को इस मंत्र का कम से कम 108 बार (एक माला) जप अवश्य करना चाहिए। यह मंत्र साधक के भीतर साक्षात त्रिदेवी की शक्ति को जागृत करता है।

