विस्तृत उत्तर
प्रसिद्ध 'महामृत्युंजय मंत्र' रुद्राष्टाध्यायी के षष्ठ अध्याय 'महच्छिर सूक्त' में समाहित है, जिसके देवता चंद्र हैं।
यह अध्याय भगवान चंद्रदेव को समर्पित है और आयु वृद्धि, आरोग्य और मृत्यु भय के निवारण के लिए है।
महामृत्युंजय मंत्र = रुद्राष्टाध्यायी के षष्ठ अध्याय 'महच्छिर सूक्त' में। देवता: चंद्र। आयु वृद्धि, आरोग्य और मृत्यु भय के निवारण के लिए।
प्रसिद्ध 'महामृत्युंजय मंत्र' रुद्राष्टाध्यायी के षष्ठ अध्याय 'महच्छिर सूक्त' में समाहित है, जिसके देवता चंद्र हैं।
यह अध्याय भगवान चंद्रदेव को समर्पित है और आयु वृद्धि, आरोग्य और मृत्यु भय के निवारण के लिए है।
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