विस्तृत उत्तर
क्रौं' (krauṁ) = नरसिंह बीज मंत्र — अत्यंत शक्तिशाली रक्षात्मक और शत्रु नाशक बीज।
'क्रौं' का अर्थ: भगवान नरसिंह (विष्णु अवतार) की शक्ति — जिन्होंने हिरण्यकशिपु का वध कर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की।
शत्रु निवारण हेतु जप
- 1'ॐ क्रौं नरसिंहाय नमः' — 108 बार, रुद्राक्ष माला।
- 2या 'ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्योर्मृत्युं नमाम्यहम्॥' (नरसिंह गायत्री)
- 3मंगलवार/शनिवार विशेष।
- 4प्रातःकाल, पूर्व दिशा।
सावधानी: 'क्रौं' उग्र बीज है — शत्रु नाश + रक्षा दोनों। सामान्य सुरक्षा जप मान्य। विशेष अनुष्ठान = गुरु दीक्षा से।
विकल्प (सौम्य): हनुमान चालीसा, रामरक्षा, सुदर्शन मंत्र — सामान्य शत्रु बाधा में पर्याप्त।





