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बीज मंत्र📜 तंत्र शास्त्र, मंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

क्रौं बीज मंत्र का जप शत्रु निवारण के लिए कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

'क्रौं' = नरसिंह बीज (शत्रु नाश + रक्षा)। 'ॐ क्रौं नरसिंहाय नमः' 108, रुद्राक्ष, मंगलवार/शनिवार। उग्र बीज — सामान्य जप मान्य, अनुष्ठान = गुरु। सौम्य विकल्प: हनुमान चालीसा, रामरक्षा।

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विस्तृत उत्तर

क्रौं' (krauṁ) = नरसिंह बीज मंत्र — अत्यंत शक्तिशाली रक्षात्मक और शत्रु नाशक बीज।

'क्रौं' का अर्थ: भगवान नरसिंह (विष्णु अवतार) की शक्ति — जिन्होंने हिरण्यकशिपु का वध कर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की।

शत्रु निवारण हेतु जप

  1. 1'ॐ क्रौं नरसिंहाय नमः' — 108 बार, रुद्राक्ष माला।
  2. 2या 'ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्योर्मृत्युं नमाम्यहम्॥' (नरसिंह गायत्री)
  3. 3मंगलवार/शनिवार विशेष।
  4. 4प्रातःकाल, पूर्व दिशा।

सावधानी: 'क्रौं' उग्र बीज है — शत्रु नाश + रक्षा दोनों। सामान्य सुरक्षा जप मान्य। विशेष अनुष्ठान = गुरु दीक्षा से।

विकल्प (सौम्य): हनुमान चालीसा, रामरक्षा, सुदर्शन मंत्र — सामान्य शत्रु बाधा में पर्याप्त।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, मंत्र शास्त्र
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