विस्तृत उत्तर
'क्लीं' = काम बीज / आकर्षण बीज:
देवता: कृष्ण + काली — दोनों।
- ▸कृष्ण: 'क्लीं कृष्णाय नमः' → भक्ति, प्रेम।
- ▸काली: 'क्लीं' = महाकाली बीज (दुर्गा सप्तशती)।
उद्देश्य
- 1आकर्षण: व्यक्ति/वस्तु/अवसर आकर्षित।
- 2प्रेम/वैवाहिक: जीवनसाथी प्राप्ति, दाम्पत्य सुधार।
- 3सम्मोहन: वाक् में आकर्षण, प्रभाव।
- 4काली शक्ति: महाकाली बीज = संहार शक्ति + रक्षा।
जप: 108/1008 बार। शुक्रवार/मंगलवार। गुलाबी/लाल आसन।
सावधानी: 'क्लीं' = शक्तिशाली बीज — सात्विक उद्देश्य से। दुरुपयोग (वशीकरण) = कर्म फल।





