ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

उद्देश्य से जुड़े सभी प्रश्न(21)

उद्देश्य पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 21 प्रश्न उपलब्ध हैं।

बीज मंत्र

'क्लीं' बीज मंत्र का जप किस उद्देश्य से करें?

काम/आकर्षण बीज। कृष्ण + काली दोनों। आकर्षण, प्रेम/विवाह, वाक् प्रभाव, काली शक्ति। 108/1008, शुक्रवार/मंगलवार। सात्विक उद्देश्य — दुरुपयोग = कर्म फल।

#क्लीं#बीज#उद्देश्य
तंत्र पंचमकार

तांत्रिक साधना में मद्य का प्रयोग किस उद्देश्य से होता है?

वास्तविक (वाम): आनंद/ब्रह्मानंद — दीक्षित तांत्रिक। प्रतीकात्मक (दक्षिण/कुलार्णव/महानिर्वाण): 'ज्ञान अमृत' — सुषुम्ना अमृत = सोम रस। सामान्य = प्रतीकात्मक। वाम = गोपनीय।

#मद्य#पंचमकार#उद्देश्य
तंत्र षट्कर्म

तंत्र में विद्वेषण कर्म का क्या उद्देश्य होता है?

'भेद/विभाजन' — दो में शत्रुता। तामसिक (निकृष्ट)। गंभीर कर्म बंधन। सात्विक: स्वयं का बुराई से अलग = वैराग्य। सामान्य: पूर्णतः वर्जित। केवल शांति = उचित।

#विद्वेषण#कर्म#उद्देश्य
दिव्यास्त्र

पाशुपतास्त्र क्यों बनाया गया था?

पाशुपतास्त्र दैत्यों के दमन और धर्म की स्थापना के लिए बनाया गया था। युगांत में भगवान शिव इसी से सृष्टि का विनाश करते हैं ताकि नया सृजन हो सके।

#पाशुपतास्त्र#उद्देश्य#धर्म स्थापना
तंत्र शास्त्र

तंत्र में न्यास क्रिया का क्या उद्देश्य है?

न्यास = शरीर में देवता/मंत्र स्थापना। उद्देश्य: शरीर=मंदिर ('देहो देवालयः'), देवता तादात्म्य ('सारुप्यं याति'), शुद्धि, सुरक्षा कवच, एकाग्रता। 16+ प्रकार। विस्तृत: Q642 देखें।

#न्यास#क्रिया#उद्देश्य
श्रीमद्भागवत

भागवत पुराण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य परम सत्य का ध्यान, निष्कपट धर्म, तीन तापों का नाश और जीवों का कल्याण बताया गया है।

#भागवत पुराण#उद्देश्य#कल्याण
श्राद्ध परिचय

श्राद्ध कर्म क्यों किया जाता है?

तीन ऋणों (देव/ऋषि/पितृ) में से पितृ ऋण से मुक्ति का एकमात्र मार्ग = श्राद्ध। पितरों को तृप्ति, वंशजों को आयु/संतान/धन/विद्या/मोक्ष का आशीर्वाद। न करने पर पितृ दोष = संतान-हीनता, दरिद्रता, व्याधि।

#श्राद्ध#उद्देश्य#पितृ ऋण
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

13 दिन की मृत्यु क्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है?

13 दिन की क्रिया आत्मा को पिण्डज शरीर, तृप्ति, प्रेतत्व से मुक्ति और यममार्ग के लिए तैयारी देती है।

#13 दिन मृत्यु क्रिया#उद्देश्य#पिण्डज शरीर
हवन विधि

हवन में संकल्प कैसे लेते हैं?

हवन संकल्प: ईश्वर स्तुति के बाद देश, काल, तिथि, वार और गोत्र का उच्चारण करते हुए बोलें कि यह देव-यज्ञ किस उद्देश्य से किया जा रहा है — आत्म-कल्याण, पर्यावरण शुद्धि या नवग्रह शांति।

#हवन संकल्प#देश काल गोत्र#उद्देश्य
चन्द्रशेखर स्तुति परिचय

चन्द्रशेखराष्टकम् का क्या उद्देश्य है?

चन्द्रशेखराष्टकम् का उद्देश्य आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ चन्द्रदोष से उत्पन्न मानसिक अशांति, भय और भावनात्मक अस्थिरता को दूर करना है।

#उद्देश्य#चन्द्रदोष निवारण#मानसिक शांति
पूजा विधि

कालसर्प शांति संकल्प कैसे लेते हैं?

कालसर्प शांति संकल्प में हाथ में जल, अक्षत, पुष्प लेकर अपना नाम, गोत्र, स्थान, तिथि और कालसर्प योग के अशुभ प्रभाव निवारण का उद्देश्य बोलकर जल पात्र में छोड़ते हैं।

#संकल्प#कालसर्प शांति#गोत्र
पाशुपत अस्त्र साधना

पाशुपतास्त्र माला मंत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य समस्त सांसारिक और सूक्ष्म बंधनों को तोड़कर शुद्धि करना है।

#माला मंत्र#उद्देश्य#तत्त्व
जीवन एवं मृत्यु

नरक के कष्टों का उद्देश्य क्या है?

नरक के कष्टों का उद्देश्य — आत्मा की शुद्धि, कर्म-न्याय की पूर्ति, पाप से सबक और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करना। 'नरक शिक्षा-स्थल है — सजा-स्थल नहीं।' धर्माचरण की प्रेरणा देना।

#नरक#उद्देश्य#आत्म-शुद्धि
जीवन एवं मृत्यु

प्रेतकल्प का श्रवण किस उद्देश्य से किया जाता है?

प्रेतकल्प श्रवण के उद्देश्य — मृत आत्मा की सद्गति, परिजनों को कर्तव्य-ज्ञान, मृत्यु की सच्चाई समझना, पाप-मोचन और वैराग्य-आत्मज्ञान की प्राप्ति।

#प्रेतकल्प#उद्देश्य#श्रवण
जीवन एवं मृत्यु

प्रेतकल्प में मोक्ष का वर्णन क्यों किया गया है?

प्रेतकल्प में मोक्ष का वर्णन — नरक-भय के बाद आशा दिखाने, भक्ति-मार्ग प्रशस्त करने, 'परमात्मा-ध्यान ही सर्वोत्तम उपाय है' बताने और जीवन का परम लक्ष्य स्पष्ट करने के लिए।

#प्रेतकल्प#मोक्ष#उद्देश्य
जीवन एवं मृत्यु

प्रेतकल्प का मुख्य उद्देश्य क्या है?

प्रेतकल्प के मुख्य उद्देश्य — मृत्यु के रहस्य का उद्घाटन, जीवन में धर्माचरण की प्रेरणा, परिजनों को कर्तव्य-बोध, मुमूर्षु को ज्ञान और अंततः परमात्मा-शरण का संदेश।

#प्रेतकल्प#उद्देश्य#गरुड़ पुराण
जीवन एवं मृत्यु

श्राद्ध क्यों किया जाता है?

श्राद्ध पितृ-ऋण चुकाने, पितरों की तृप्ति, प्रेत-मुक्ति और परिवार की कल्याण-कामना के लिए किया जाता है। गरुड़ पुराण में श्राद्ध न करने पर वंशजों को कष्ट की चेतावनी है।

#श्राद्ध#उद्देश्य#पितर
जीवन एवं मृत्यु

बभ्रुवाहन की कथा का उद्देश्य क्या है?

बभ्रुवाहन कथा का उद्देश्य — दूसरे के श्राद्ध से प्रेत-मुक्ति सिद्ध करना, पुत्र-श्राद्ध का महत्व प्रकट करना, प्रेत घट दान की विधि सिखाना और समाज में करुणा-परोपकार जागृत करना।

#बभ्रुवाहन#उद्देश्य#दान महिमा
तंत्र उद्देश्य

तंत्र साधना का उद्देश्य क्या है?

तंत्र उद्देश्य: कुलार्णव — 'भुक्ति (भोग) और मुक्ति दोनों।' चतुर्वर्ग: धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष। तंत्रालोक: शिव-शक्ति एकता। व्यावहारिक: रोग-बाधा निवारण, शक्ति, शांति। परम: शक्ति से एकता — सिद्धियाँ मंजिल नहीं।

#उद्देश्य#मोक्ष#सिद्धि
मंत्र विधि

मंत्र जप में संकल्प का क्या महत्व है?

संकल्प = उद्देश्य + प्रतिज्ञा। 'संकल्पमूलो हि कामः' — सभी कर्म संकल्प मूल। बोलें: काल, स्थान, नाम, गोत्र, मंत्र, संख्या, उद्देश्य। क्यों: एकाग्रता, ऊर्जा निर्देशन, प्रतिबद्धता, पूर्ण फल। निष्काम: 'ईश्वर प्रीत्यर्थे' = सर्वोच्च।

#संकल्प#उद्देश्य#विधि
मंत्र जप ज्ञान

राजसिक मंत्र क्या होते हैं और किस उद्देश्य से जपे जाते हैं?

सात्विक (मोक्ष/ज्ञान): गायत्री, 'ॐ'। राजसिक (धन/शक्ति/सफलता): लक्ष्मी, बगलामुखी। तामसिक (मारण/नाश): वर्जित। सात्विक > राजसिक > तामसिक। राजसिक = मान्य किन्तु बंधनकारी।

#राजसिक#मंत्र#उद्देश्य
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।

उद्देश्य — सम्बन्धित प्रश्न — 21 प्रश्न