विस्तृत उत्तर
भागवत पुराण का उद्देश्य परम सत्य का ध्यान कराना, निष्कपट परम धर्म बताना और शुद्ध अंतःकरण वाले सत्पुरुषों के लिये वास्तविक परमात्म तत्त्व प्रकट करना है। यह परमात्मा तीन तापों का मूल से नाश करने वाला और परम कल्याण देने वाला बताया गया है। जब सुकृती पुरुष इसके श्रवण की इच्छा करते हैं, तो ईश्वर शीघ्र उनके हृदय में आकर बंध जाता है। आगे ऋषि सूतजी से बहुत से शास्त्रों का सार निकालकर ऐसा साधन बताने को कहते हैं, जिससे कलियुग के जीवों का परम कल्याण हो और अंतःकरण की शुद्धि हो। इसलिए भागवत का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि कल्याण, शुद्धि, परमात्मा की प्राप्ति और भगवत रस का आस्वादन कराना है।
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