विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण के प्रेतकल्प में मृत्यु और नरक के वर्णन के बाद अंततः मोक्ष का मार्ग भी दिखाया गया है — यह इस ग्रंथ की विशेषता है।
नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर — केवल भय दिखाना उद्देश्य नहीं है। नरक-यातना और यमलोक की कठिनाइयाँ दिखाकर अंत में मोक्ष का मार्ग दिखाना ही प्रेतकल्प का पूर्ण संदेश है।
गरुड़ पुराण का अंतिम संदेश — प्रेतकल्प के अंतिम अध्यायों में भगवान विष्णु गरुड़ को कहते हैं — 'परमात्मा का ध्यान ही आत्मज्ञान का सबसे सरल उपाय है।' यही वास्तविक मोक्ष है।
भक्ति मार्ग — गरुड़ पुराण में कहा गया है — 'भगवान विष्णु की भक्ति से जीव को प्रेतत्व नहीं प्राप्त होता।' मोक्ष का वर्णन इसलिए है कि भक्ति और ज्ञान का मार्ग दिखाया जाए।
जीवन का अंतिम लक्ष्य — प्रेतकल्प यह संदेश देता है कि नरक, प्रेतत्व और जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति — यही मानव-जीवन का परम लक्ष्य है।
श्रोताओं को आशा — जो लोग नरक-यातना के वर्णन से भयभीत हो जाते हैं, उनके लिए मोक्ष का वर्णन आशा का किरण है। यह बताता है — 'भक्ति, दान और सत्कर्म से मुक्ति संभव है।'





