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क्लीं पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 4 प्रश्न उपलब्ध हैं।

मंत्र साधना

कृष्ण के 'क्लीं कृष्णाय गोविंदाय' मंत्र की जप संख्या

यह 18 अक्षरों का महामंत्र है, इसलिए इसकी पूर्ण सिद्धि के लिए 18 लाख जप का विधान है। हालांकि, सवा लाख (1,25,000) का अनुष्ठान करके भी इसे सिद्ध किया जा सकता है।

#कृष्ण#क्लीं#गोविंद
बीज मंत्र

'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं' एक साथ बोलने का क्या प्रभाव होता है?

ॐ(ब्रह्म) + ह्रीं(माया/लक्ष्मी) + श्रीं(धन) + क्लीं(आकर्षण/काली) = सर्वव्यापी। त्रिशक्ति समकक्ष। 108 बार। धन+शक्ति+आकर्षण+मोक्ष = सम्पूर्ण।

#ॐ#ह्रीं#श्रीं
बीज मंत्र

'क्लीं' बीज मंत्र का जप किस उद्देश्य से करें?

काम/आकर्षण बीज। कृष्ण + काली दोनों। आकर्षण, प्रेम/विवाह, वाक् प्रभाव, काली शक्ति। 108/1008, शुक्रवार/मंगलवार। सात्विक उद्देश्य — दुरुपयोग = कर्म फल।

#क्लीं#बीज#उद्देश्य
बीज मंत्र

क्लीं बीज मंत्र किस साधना में उपयोग होता है?

क्लीं = काम-बीज (आकर्षण-शक्ति) और कृष्ण-बीज। क् (काम/कृष्ण) + ल् (ऐश्वर्य) + ई (तृप्ति) + अनुस्वार। उपयोग: श्रीकृष्ण साधना, त्रिपुरसुंदरी पूजा, इच्छा-शक्ति वृद्धि, वाक्-शक्ति। 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' सर्वाधिक सुरक्षित। दूसरों पर नियंत्रण के लिए उपयोग = अभिचार (वर्जित)।

#क्लीं#काम बीज#कृष्ण बीज
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