लोकमहर्लोक के निवासियों की 'विजय' विशेषता का क्या अर्थ है?विजय का अर्थ है — काम, क्रोध, लोभ, अज्ञान और काल के प्रभाव पर पूर्ण विजय। महर्लोक के ऋषियों पर षड्विकार और बुढ़ापे-रोग का कोई प्रभाव नहीं होता।#विजय#महर्लोक#काम
बीज मंत्र'क्लीं' बीज मंत्र का जप किस उद्देश्य से करें?काम/आकर्षण बीज। कृष्ण + काली दोनों। आकर्षण, प्रेम/विवाह, वाक् प्रभाव, काली शक्ति। 108/1008, शुक्रवार/मंगलवार। सात्विक उद्देश्य — दुरुपयोग = कर्म फल।#क्लीं#बीज#उद्देश्य
लोकतपोलोक की प्राप्ति के लिए षड्रिपुओं का नाश क्यों जरूरी है?क्योंकि तपोलोक तृष्णा और माया से मुक्त है; वहाँ प्रवेश के लिए काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मात्सर्य का नाश जरूरी है।#षड्रिपु#तपोलोक प्राप्ति#काम
भक्ति एवं आध्यात्मचार पुरुषार्थ क्या हैं?धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — ये चार पुरुषार्थ हैं। धर्म नींव है, अर्थ-काम जीवन के साधन हैं, और मोक्ष — जन्म-मरण से मुक्ति — परम लक्ष्य है।#पुरुषार्थ#धर्म#अर्थ
हिंदू दर्शनधर्म अर्थ काम मोक्ष चार पुरुषार्थ क्या हैंचार पुरुषार्थ: धर्म (कर्तव्य/नैतिकता — आधार), अर्थ (धर्मपूर्वक धन — साधन), काम (धर्मयुक्त इच्छापूर्ति — सुख), मोक्ष (जन्म-मृत्यु से मुक्ति — परम लक्ष्य)। मनुस्मृति — धर्म के 10 लक्षण। कौटिल्य — 'अर्थ का मूल धर्म'। चारों में संतुलन = सार्थक जीवन।#पुरुषार्थ#धर्म#अर्थ