विस्तृत उत्तर
मंत्र में 'गौरा संग आओ, दोनों सूत संग लाओ' का अर्थ माँ पार्वती, गणेश और कार्तिकेय को साथ बुलाना है। माँ गौरा समृद्धि की प्रतीक हैं, गणेश बुद्धि के दाता हैं और कार्तिकेय शक्ति के प्रतीक हैं। यह आवाहन साधक के जीवन में शिव परिवार की समग्र ऊर्जा को स्थापित करने के लिए होता है, जिससे न केवल दरिद्रता कटती है बल्कि सुख, शांति और पूर्णता भी प्राप्त होती है।





