विस्तृत उत्तर
मंत्र में स्पष्ट रूप से 'शत्रु नाशो' का आह्वान किया गया है। शत्रु बाधा या कोर्ट-कचहरी संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु, साधक को उच्च जप संख्या (जैसे 1100 बार) का प्रयोग करना चाहिए। हालांकि, शत्रु नाश का प्रयोग केवल न्याय और आत्मरक्षा के लिए ही होना चाहिए। किसी भी प्रतिशोध या द्वेषपूर्ण भावना के लिए इसका प्रयोग सख्त वर्जित है। साधना से पहले शरभ सालुव शाबर कवच या अन्य भैरवी रक्षा मंत्रों का पाठ अनिवार्य है ताकि शत्रु के नकारात्मक प्रभाव साधक को छू न सकें।




