विस्तृत उत्तर
शाबर मंत्रों की उत्पत्ति सीधे भगवान शिव से जुड़ी है, जिन्हें तंत्र-मंत्र-यंत्र का जनक माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, ये मंत्र सृष्टि के कल्याण और विशेष रूप से ऋषियों की रक्षा के लिए प्रकट हुए थे। हिमालय की कंदराओं और घने वनों में तपस्या कर रहे ऋषियों को असुरों के उत्पात (जैसे मृत शरीर फेंकना, मायावी रूप धारण करना और हिंसात्मक प्रहार) से बचाने के लिए भगवान शिव ने ये शाबर मंत्र प्रदान किए। ये मंत्र ऋषियों को न केवल आत्म-रक्षा प्रदान करने में सक्षम थे, बल्कि असुर शक्तियों को परास्त करने की शक्ति भी रखते थे।





