विस्तृत उत्तर
वट सावित्री = ज्येष्ठ अमावस्या/पूर्णिमा; सबसे प्राचीन पतिव्रता व्रत।
कथा (महाभारत वनपर्व): सावित्री (मद्र राजकुमारी) ने सत्यवान चुना (1 वर्ष आयु — नारद भविष्यवाणी)। 1 वर्ष बाद यमराज → सावित्री ने पीछा किया → तर्क-वितर्क → यमराज प्रसन्न → पति प्राण + अनेक वरदान (पुत्र, राज्य, पिता संतान)। सावित्री = बुद्धि+साहस+पतिव्रत।
विधि: प्रातः स्नान → सुहाग सामग्री → वट (बरगद) पूजा (जल/कुमकुम/अक्षत/फूल) → कलावा (मौली) बांधते हुए 7 परिक्रमा → सावित्री-सत्यवान कथा → भोजन (कुछ में निर्जल; कुछ में फल)।
वट वृक्ष = शाश्वत (कभी नहीं मरता) = पति दीर्घायु प्रतीक।