विस्तृत उत्तर
कोई एक 'अनिवार्य' देवी नहीं — उद्देश्य अनुसार:
शक्ति/साहस: दुर्गा/काली — भय/शत्रु/कठिनाई। धन/समृद्धि: लक्ष्मी — आर्थिक सुख। विद्या/बुद्धि: सरस्वती — शिक्षा/कला/वाणी। सौभाग्य/पति: गौरी (पार्वती) — विवाह/दांपत्य। संतान: षष्ठी माता/संतोषी — संतान सुख। सर्वांगीण: ललिता त्रिपुरसुंदरी — सब कुछ (ललिता सहस्रनाम)।
सबसे सरल: दुर्गा (नवरात्रि) = सर्वशक्ति; या गायत्री माता = सार्वभौमिक।
इष्ट देवी = जिससे मन लगे; भक्ति = हृदय से; देवी = एक ही शक्ति के अनेक रूप। 'या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता' — सब एक।




