विस्तृत उत्तर
हाँ — महिलाएं हवन/यज्ञ में भाग ले सकती हैं।
वैदिक प्रमाण: ऋग्वेद — पत्नी = 'पत्नीसंयाज' (पत्नी यज्ञ में सहभागी); बिना पत्नी यज्ञ अपूर्ण (कुछ वैदिक यज्ञ)। गार्गी/मैत्रेयी = यज्ञ विद्या। अपाला ऋषिका = इंद्र यज्ञ।
आज: गायत्री यज्ञ/हवन = महिलाएं स्वतंत्र रूप से भी करती हैं (आर्य समाज, गायत्री परिवार)। विवाह = पति-पत्नी दोनों अग्नि परिक्रमा + आहुति। दैनिक अग्निहोत्र = पत्नी भी कर सकती।
मध्यकालीन प्रतिबंध = कालानुसार; मूल वैदिक = सहभागिता।
पत्नी बिना गृहस्थ यज्ञ अपूर्ण' — यह शास्त्रीय = भागीदारी प्रमाण।





