विस्तृत उत्तर
शक्ति उपासना = देवी/शक्ति पूजा; तंत्र/श्री विद्या/नवरात्रि। स्त्री = केंद्रीय भूमिका।
स्त्री = शक्ति स्वरूप: 'स्त्री = साक्षात् देवी'; तंत्र शास्त्र = स्त्री सम्मान सर्वोपरि; स्त्री अपमान = शक्ति क्रोध। कुमारी पूजा (नवरात्रि) = कन्या = देवी रूप। 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः' (मनुस्मृति 3.56)।
तंत्र में: स्त्री = गुरु (योगिनी); पंचमकार साधना में स्त्री = शक्ति। 64 योगिनी मंदिर = स्त्री शक्ति केंद्र। कामाख्या = स्त्री शक्ति सर्वोच्च तीर्थ।
आज: नवरात्रि कन्या पूजा = 9 कन्या = 9 देवी। स्त्री शिक्षा+सम्मान = शक्ति उपासना का सार।





