विस्तृत उत्तर
तंत्र शास्त्र = स्त्री सम्मान सर्वोपरि; स्त्री = शक्ति स्वरूप।
तंत्र में स्त्री: शक्ति उपासना = तंत्र का मूल; देवी = परम सत्ता। योगिनी = स्त्री गुरु/साधिका; 64 योगिनी मंदिर। कुमारी पूजा = कन्या देवी; दक्षिण+बंगाल+नेपाल प्रमुख। श्री विद्या = ललिता उपासना; स्त्री-पुरुष दोनों।
साधनाएं: दश महाविद्या (काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला) — प्रत्येक = शक्ति आयाम।
सावधानी: तांत्रिक साधना = योग्य गुरु अनिवार्य। बिना गुरु = खतरनाक। 'वामाचार' (गलत तंत्र) = अशुद्ध; सात्विक तंत्र = शुद्ध शक्ति उपासना।





