विस्तृत उत्तर
जप से पूर्व उनके उग्र और तेजस्वी स्वरूप का ध्यान करें: 'वज्र दंष्ट्रम त्रिनयनं काल कंठमरिन्दम...'। वे वज्र के समान दांतों वाले, तीन आँखों वाले और शत्रुओं का नाश करने वाले उग्र शम्भु हैं।
भगवान भैरव के तीन नेत्रों और उग्र तेजस्वी स्वरूप का मंत्रों द्वारा हृदय में ध्यान करना चाहिए।
जप से पूर्व उनके उग्र और तेजस्वी स्वरूप का ध्यान करें: 'वज्र दंष्ट्रम त्रिनयनं काल कंठमरिन्दम...'। वे वज्र के समान दांतों वाले, तीन आँखों वाले और शत्रुओं का नाश करने वाले उग्र शम्भु हैं।
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