विस्तृत उत्तर
भैरव जी की पूजा षोडशोपचार (16 उपचारों) से की जाती है। इसमें आवाहन, आसन, स्नान, वस्त्र, गंध, पुष्प (कनेर प्रिय है), धूप (गूगल), दीप और नैवेद्य अर्पित करने के बाद क्षमा प्रार्थना की जाती है।
16 उपचारों (षोडशोपचार) से विधिवत पूजन, आवाहन और नैवेद्य अर्पण ही उनकी सरल विधि है।
भैरव जी की पूजा षोडशोपचार (16 उपचारों) से की जाती है। इसमें आवाहन, आसन, स्नान, वस्त्र, गंध, पुष्प (कनेर प्रिय है), धूप (गूगल), दीप और नैवेद्य अर्पित करने के बाद क्षमा प्रार्थना की जाती है।
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