आधुनिक धर्मशराब पीने वाला व्यक्ति पूजा कर सकता है क्या?पूजा कर सकता — नशे में नहीं। गीता(9.30): दुराचारी भी भक्ति=साधु। शुद्ध अवस्था(स्नान+शांत मन)=पूजा मान्य। पूजा=शराब छोड़ने का मार्ग। भक्ति=सबसे बड़ा नशा मुक्ति।#शराब#पूजा#मद्यपान
महापातक प्रायश्चितसुरापान का प्रायश्चित क्या है?सुरापान करने वाले के लिए एक लाख अघोर मंत्र जप और वारुणी पीने वाले के लिए पचास हजार जप बताया गया है।#सुरापान#मद्यपान#अघोर मंत्र
स्तोत्र पाठ विधि और नियमअर्धनारीश्वर स्तोत्र पाठ के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?अनुष्ठान के दौरान धूम्रपान, मद्यपान, व्यसन और मांसाहार से बचना चाहिए। ब्रह्मचर्य का पालन और सात्त्विक मन रखना अनिवार्य है।#नियम निषेध#मद्यपान#मांसाहार
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोगरुद्राक्ष धारण करते समय खान-पान (मांसाहार और मद्यपान) के क्या नियम हैं?सात्त्विक साधकों को मांस-मदिरा के समय रुद्राक्ष उतार देना चाहिए, हालांकि तांत्रिक मत में अलग विचार हैं।#खान-पान नियम#मांसाहार#मद्यपान
नरक एवं परलोकब्राह्मण होकर मद्य पीने वाले को कौन सा नरक मिलता है?गरुड़ पुराण के अनुसार मद्यपान करने वाला ब्राह्मण विशेष रूप से वैतरणी नरक में डाला जाता है। इसके अलावा 'विलेपक' नरक में उसे जलती आग में फेंका जाता है और अगले जन्म में उसके दाँत काले होते हैं तथा वह भेड़िये-कुत्ते की योनि पाता है।#ब्राह्मण#मद्यपान#नरक