पाठ फलअनुक्रमणिका पाठ का फल क्या है?अनुक्रमणिका का कीर्तन करने वाला मनुष्य सभी पापों से छूटकर ब्रह्मलोक को प्राप्त होता है।#अनुक्रमणिका#पाठ फल#पाप मुक्ति
पुराण परिचयव्यासजी ने वैवस्वत मन्वन्तर में कितने श्लोकों में वर्णन किया?वैवस्वत मन्वन्तर में श्रीकृष्णद्वैपायन व्यासजी ने लिङ्गपुराण का वर्णन ग्यारह हजार श्लोकों में किया।#वैवस्वत मन्वन्तर#व्यासजी#ग्यारह हजार श्लोक
पुराण परिचयएक करोड़ श्लोकों वाला कौन सा पुराण बताया गया है?सौ करोड़ विस्तारवाले पुराणसमुच्चय में एक करोड़ श्लोकोंवाला पुराण लिङ्गपुराण बताया गया है।#एक करोड़ श्लोक#लिङ्गपुराण#पुराण श्लोक संख्या
पुराण परिचयसूतजी ने व्यासजी से कौन सा पुराण सुना?सूतजी ने लिङ्गपुराण को व्यासजी से सुना था।#सूतजी#व्यासजी#लिङ्गपुराण
पुराण परिचयग्यारहवाँ पुराण कौन सा है?अठारह पुराणों में ग्यारहवाँ पुराण लिङ्गपुराण कहा गया है।#ग्यारहवाँ पुराण#अठारह पुराण#लिङ्गपुराण
पुराण परिचयईशानकल्प में किस कथा का आधार बताया गया है?ईशानकल्प में लिङ्ग के प्रादुर्भाव आदि से सम्बद्ध वृत्तान्तों को आधार बताया गया है।#ईशानकल्प#लिङ्ग प्रादुर्भाव#ब्रह्मा
पुराण परिचयब्रह्मा ने सबसे पहले किस पुराण की उद्भावना की?महात्मा ब्रह्मा ने ईशानकल्प के लिङ्ग-प्रादुर्भाव आदि वृत्तान्तों के आधार पर श्रेष्ठ लिङ्गपुराण की उद्भावना की।#ब्रह्मा#लिङ्गपुराण#ईशानकल्प