📖
विस्तृत उत्तर
शिव को महायोगी इसलिए कहा गया है क्योंकि विष्णु की स्तुति में उन्हें महायोगी महेश्वर के रूप में नमस्कार किया गया है। उसी प्रसंग में शेषरूप अनन्त, गरुड़रूप विरूप, रोग-विकारशून्य अनन्त शिव, शाश्वत, वरिष्ठ और वारिगर्भ को भी नमस्कार किया गया है। यहाँ महायोगी नाम किसी अलग कथा के साथ नहीं समझाया गया, पर यह नाम शिव की अनन्त, शाश्वत और महेश्वर सत्ता के साथ जुड़कर आता है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 18, PDF पृष्ठ 84, श्लोक 10
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





