विस्तृत उत्तर
शिवलिंग में शिव और पार्वती को एक साथ प्रतिष्ठित माना गया है। स्रोत में कहा गया है कि लोकों में शिवलिंग पूजन की प्रसिद्धि फैलने के बाद लिंगवेदी के रूप में महादेवी पार्वती और लिंगरूप में साक्षात् महेश्वर प्रतिष्ठित रहते हैं। इसका अर्थ यही है कि पूजन में केवल लिंगरूप महेश्वर ही नहीं, बल्कि उनकी वेदीरूप महादेवी पार्वती भी सम्मिलित मानी गई हैं। इसलिए शिवलिंग पूजा को उमामहेश्वर-पूजन से जुड़ा बताया गया है।
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