विस्तृत उत्तर
शिव पंचभूतों में व्यापक रूप से बताए गए हैं। स्तुति में जललिंग, जल, जलभूत और जल में व्याप्त शिव को नमस्कार है। वायु, वायुवेग और वायुव्यापी को नमस्कार है। तेजों के भी तेज और तेज को पूर्णतः व्याप्त करने वाले भरणकर्ता रुद्र को नमस्कार है। पृथ्वी, अंतरिक्ष और पृथ्वी में व्याप्त महेश्वर को नमस्कार है। इस तरह शिव को जल, वायु, तेज, पृथ्वी और व्यापक आकाशीय सत्ता से संबद्ध करके वंदित किया गया है।
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