विस्तृत उत्तर
वरुणास्त्र स्पष्ट रूप से जल तत्व का प्रतीक है। जल जीवन के लिए नितांत आवश्यक है, यह पोषण और पवित्रता का स्रोत है। साथ ही जल प्रलय और विनाशकारी बाढ़ का कारण भी बन सकता है। वरुणास्त्र की शक्तियाँ — भीषण वर्षा उत्पन्न करना, जल-प्रवाह से शत्रु को बहा ले जाना — जल की इसी दोहरी प्रकृति (सृजन और संहार) को दर्शाती हैं। वरुण देव जो 'ऋतस्यगोप' (व्यवस्था के रक्षक) हैं, उनका अस्त्र वरुणास्त्र भी इसी व्यवस्था को बनाए रखने का उपकरण है, विशेषकर जब आग्नेयास्त्र जैसी विनाशकारी शक्तियां संतुलन बिगाड़ती हैं।
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